अंबाला। सर्दी की पहली झपकी के साथ ही उत्तर भारत में कोहरा अपना असर दिखाने लगा है। रविवार अल सुबह घनी धुंध छा गई और अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन से होकर जाने वाली ट्रेनों का बुरा हाल हो गया। कुल 22 ट्रेनें प्रभावित हुईं। इनमें से 8 तो पूरी तरह रद्द कर दी गईं, जबकि 14 ट्रेनें 30 मिनट से लेकर पूरे 12 घंटे तक लेट चल रही हैं।
सबसे ज्यादा मार अमृतसर क्लोन स्पेशल (04651) पर पड़ी, जो अपने तय समय से करीब 12 घंटे पीछे चल रही है। इसके अलावा किशनगंज फेस्टिवल स्पेशल 8 घंटे के करीब, अमृतसर विशेष किराया स्पेशल साढ़े सात घंटे से ज्यादा और जम्मू तवी हमसफर एक्सप्रेस भी सात घंटे से ऊपर की देरी झेल रही है। मलवा एक्सप्रेस, आम्रपाली, स्वराज एक्सप्रेस जैसी बड़ी ट्रेनें भी घंटों लेट हैं।
रेलवे ने सुबह-सुबह ही आठ ट्रेनें कैंसल करने का ऐलान कर दिया। इनमें नंगल डैम-अंबाला मेमू (64516 और 64517), गुरुमुखी सुपरफास्ट, दोनों श्री शक्ति एक्सप्रेस (22461-22462), श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत, नई दिल्ली वंदे भारत और शालीमार मलानी एक्सप्रेस शामिल हैं। यानी जम्मू-कटरा और दिल्ली जाने वालों की सुबह ही खराब हो गई।
अंबाला रेल मंडल के प्रवक्ता नीरज कहते हैं, “अभी तो कोहरा शुरू ही हुआ है, आगे और घना होगा। ट्रेनों की स्पीड अपने आप कम हो जाएगी।” उनका ये भी कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनें जब घंटों लेट आती हैं तो प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं बचती। फिर जो ट्रेन समय पर है, उसे भी छोटे-मोटे स्टेशनों पर रोककर लेट वाली ट्रेन को आगे निकालना पड़ता है। नतीजा – देरी की देरी।
यात्री तो परेशान हैं ही, रेलवे वाले भी सिर पकड़ रहे हैं। स्टेशन पर सुबह से चाय-पानी की दुकानों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं, कोई गुस्सा कर रहा है तो कोई बस चुपचाप इंतज़ार।
सर्दी बढ़ेगी तो कोहरा भी बढ़ेगा, और ट्रेनों का ये खेल भी। जो भी सफर पर निकलने का प्लान बना रहे हैं, पहले NTES ऐप ज़रूर चेक कर लें, वरना स्टेशन पर ही ठिठुरते रह जाएंगे।



