Swiggy ने एक बार फिर अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर ग्राहकों की जेब पर बोझ डाला है. अब हर ऑर्डर पर ₹15 की फीस देनी होगी, जो पहले ₹12 थी. यह बदलाव फेस्टिव सीजन की बढ़ती डिमांड को भुनाने की रणनीति का हिस्सा है. वहीं, Zomato ने भी अपनी फीस ₹12 प्रति ऑर्डर कर दी है. दोनों कंपनियों की इस रेस में आम ग्राहक को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है.
तीन हफ्तों में तीसरी बार बढ़ी Swiggy की फीस
Swiggy ने पिछले तीन हफ्तों में तीसरी बार अपनी प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया है. स्वतंत्रता दिवस के आसपास फीस ₹14 तक गई थी, फिर इसे ₹12 पर लाया गया. अब, त्योहारी सीजन की भीड़ का फायदा उठाने के लिए कंपनी ने इसे ₹15 कर दिया. यह फीस डिलीवरी चार्ज, GST और रेस्टोरेंट की कीमतों से अलग है. शहरों और मांग के आधार पर यह फीस बदल भी सकती है.
Zomato भी नहीं रहा पीछे
Zomato ने भी फेस्टिव सीजन को देखते हुए अपनी फीस बढ़ाकर ₹12 प्रति ऑर्डर कर दी है. दोनों कंपनियां एक-दूसरे को टक्कर देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं. ज्यादा डिमांड वाले दिनों में फीस बढ़ाकर टेस्ट करने की उनकी पुरानी रणनीति है. अगर ऑर्डर की संख्या स्थिर रहती है, तो फीस स्थायी हो जाती है.
कितना होगा कंपनियों को फायदा?
Swiggy के रोजाना करीब 20 लाख ऑर्डर पर ₹15 की फीस से कंपनी को हर दिन ₹3 करोड़ की अतिरिक्त कमाई होगी. यह सालाना ₹216 करोड़ तक पहुंच सकती है. दूसरी ओर, Zomato के 23-25 लाख दैनिक ऑर्डर पर ₹12 की फीस से रोजाना ₹3 करोड़ और सालाना ₹180 करोड़ की अतिरिक्त आय हो सकती है.
कब से शुरू हुई फीस की रेस?
Swiggy और Zomato ने अप्रैल 2023 में ₹2 की मामूली प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी. इसके बाद नए साल जैसे मौकों पर फीस बढ़ाने के प्रयोग हुए. अब ज्यादातर समय फीस ₹10 से ऊपर ही रहती है. दोनों कंपनियां मांग के हिसाब से फीस बढ़ाती और घटाती रहती हैं.
Swiggy ने हाल ही में बताया कि Q1 FY26 में उसका घाटा 96% बढ़कर ₹1,197 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹611 करोड़ था. इसका बड़ा कारण इंस्टामार्ट में भारी निवेश है. हालांकि, कंपनी की आय 54% बढ़कर ₹4,961 करोड़ हो गई.



